1
सिंहस्थ कुम्भ महापर्व 2016 के दौरान सभी अखाड़े सम्मिलित होते है एवं परंपरागत तरीके से अखाड़ों के सम्मिलित होने से सिंहस्थ कुम्भ महापर्व की शोभा बढ़ती है। अखाड़े अपने पुरे शौर्य एवं दल,बल अनुयायियों के साथ सिंहस्थ कुम्भ महापर्व के दौरान उज्जैन में निवास करते है।

समस्त अखाड़ों की पेशवाई के स्थान

क्र. अखाड़े का नाम पेशवाई प्रारंभ स्थल पेशवाई समापन स्थल
1 पंचदशनामजूना अखाड़ा नीलगंगा दत्तअखाडा
2 पंचायती आनन्द अखाड़ा नीलगंगा छोटी रपट बड़नगर रोड
3 पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा नीलगंगा दत्त अखाड़ा
4 निर्वाणी अनि अखाड़ा बेगमपुरा अंकपात
5 निर्मल अखाड़ा संख्याराजे धर्मशाला रामघाट
6 दिगम्बर अनि अखाड़ा बेगमपुरा खाकचौक
7 निर्मोही अखाड़ा बेगमपुरा अंकपात
8 पंचायती नया उदासीन अखाड़ा सिन्धी कॉलोनी बडनगर रोड हनुमान बाग़
9 पंच अटल अखाड़ा नीलगंगा से दत्तअखाडा
10 तपोनिधि निरंजनी अखाड़ा संख्याराजे धर्मशाला दानीगेट राजपूत धर्मशाला
11 पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा अलखधाम धर्मशाला दानीगेट राजपूत धर्मशाला
12 पंचायती अग्नि अखाड़ा नीलगंगा दत्तअखाड़ा
13 पंचायती आह्वान अखाड़ा नीलगंगा दत्तअखाड़ा

अखाड़े संपर्क विवरण

क्र. अखाड़े का नाम महन्त नाम/ मुख्यालय कापता मोबाईल/टेलीफोन स्थानीय महन्त / प्रतिनिधि मोबाईल नं.
स्थानीय दूरभाष
1 श्री पंचायती तपोनिधि अखाड़ा श्री महन्त लालतागिरिजी महाराज (सचिव) 01334-227804 महन्त श्री विश्वनाथ गिरि जी निरंजनी अखाड़ा, बड़नगर रोड़, उज्जैन 2584765
श्री पंचायती तपोनिधि निरंजनी अखाड़ा, मायापुर, हरिद्वार (उत्तरांचल) 01334-224078
मायापुर हरिद्वार, (उत्तरांचल)
श्री महन्त रामानंदपुरीजी महाराज (सचिव) 094160-54518
श्री पंचायती तपोनिधि निरंजनी अखाड़ा
मायापुर हरिद्वार, (उत्तरांचल)
2 श्री पंचायती आनन्द अखाड़ा श्री महन्त सागरानन्दजी महाराज 02594-233024
श्री पंचायती आनन्द अखाड़ा 094222-71144
त्र्यम्बकेश्वर, जिला नासिक, महाराष्ट्र
3 श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा श्री महन्त परमानन्दजी सरस्वती (सभापति) 01334-227903 पीर महन्त रामगिरि प्रतिनिधि रामेश्वर गिरि दत्तअखाड़ा, उज्जैन 2584666, 9826069769, 3226931
श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, बड़ा हनुमान, 098373-52127
घाट काशी, वाराणसी (उ.प्र.)
श्रवणनाथनगर, हरिद्वार 01334-227951
श्री महन्त उमाशंकर भारती जी महाराज (सचिव)
श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, बड़ा हनुमान
घाट काशी, वाराणसी (उ.प्र.)
श्री महन्त प्रेमगिरिजी महाराज (सचिव)
श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा बड़ा हनुमान
घाट काशी, वाराणसी (उ.प्र.)
श्री महन्त कर्णपुरी महाराज (सचिव)
मायादेवी भैरव अखाड़ा हरिद्वार (उत्तरांचल)
कनकेश्वरी देवी आश्रम
श्री महन्त सुरेन्द्रगिरि महाराज (सचिव) पीर महन्त रामगिरि प्रतिनिधि रामेश्वर गिरि दत्त अखाड़ा, उज्जैन 2584837
मायादेवी भैरव अखाड़ा, हरिद्वार (उत्तरांचल)
4 श्री पंचदशनामी आव्हान अखाड़ा श्री महन्त शिवशंकर गिरिजी महाराज (सभापति) प्रतिनिधि: श्री राजशेखर त्रिपाठी, बड़ा सराफा, उज्जैन 255228, 94250-92283
श्री पंचदशनामी आव्हान अखाड़ा
अश्वमेव घाट, काशी वाराणसी (उ.प्र.)
श्री महन्त प्रेमपुरी जी महाराज (सचिव) 02953-30810
श्री पंचदशनामी आव्हान अखाड़ा, 98220-12180
अश्वमेव घाट, काशी वाराणसी (उ.प्र.)
5 श्री पंच अग्नि अखाड़ा श्री महन्त गोपालानंदजी महाराज (संभापति) 0285-2683087 महन्त श्री सुदामानंदजी राजराजेश्वर हनुमान मंदिर, पुल के नीचे सिंधिया धर्मशाला के पास, उज्जैन
श्री पंच अग्नि अखाड़ा, शम्भूपंच अग्नि अखाड़ा,
मु.पो. बिलखा, जूनागढ़ (सौराष्ट्र) गुजरात
श्री महन्त गोविन्दानन्दजी महाराज (सचिव) 022-28766606
श्री पंच अग्नि अखाड़ा, शम्भूपंच अग्नि अखाड़ा,
मु.पो. बिलखा, जूनागढ़ (सौराष्ट्र) गुजरात
6 श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा श्री महन्त प्रकाशपुरी जी महाराज (सचिव) 01334-246215, 246219 श्री महन्त प्रकाशपुरी जी
महाराज (सचिव)
श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा
0734-2556853
श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा,
कनखल, हरिद्वार (उत्तरांचल)
7 श्री पंच अटल अखाड़ा श्री महन्त राजगिरिजी महाराज (सभापति) 01334-240269 महन्त श्री प्रेमगिरिजी महाराज
श्री शंकरगिरि जी महाराज (सचिव)
श्री पंच अटल अखाड़ा
कनखल, हरिद्वार (उत्तरांचल)
8 उदासीन अखाड़े 0734-2585653 प्रतिनिधि: श्यामदास जी महाराज 2585653
श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा श्री महन्त रघुमुनिजी महाराज
श्री पंचायती बड़ज्ञ उदासीन अखाड़ा
रामघाट, उज्जैन
9 श्री पंचायती उदासीन नया अखाड़ा श्री महन्त मनोहरदासजी महाराज (प्रेसीडेंट) 01334-246504 श्री जगतार मुनि
मोढ़ धर्मशाला के पास, रामघाट के पास, उज्जैन
(जखीरा प्रबंधक)
2584090
श्री पंचायती उदासीन नया अखाड़ा,
कनखल हरिद्वार उत्तरांचल
कनकेश्वरी आश्रम 02715-3554164
अशोक नगर गुजरात
10 श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा श्री महन्त ज्ञानदेव जी महाराज 01334-246422, 246707, 09837055337 श्री दर्शनसिंहजी, निर्मल अखाड़ा, बड़नगर रोड़ उज्जैन 2584915
श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा,
कनखल हरिद्वार उत्तरांचल
11 बैरागी अखाडे श्री महन्त शिवनन्ददासजी महाराज 07681-262222 महन्त श्री सुधीर पुजारी, संस्थान, श्री कालिका मंदिर, पंचवटी नासिक स्थानीय – महन्त श्री भगवानदासज जी बेगमपुरा उज्जैन 0253-2512150, 2621830 098230-10012, 098226-49144, 2554665, 2580106
(रामादल वैष्णव) श्री पंचरामानंदीय निर्वाणी अनि अखाड़ा,
श्री पंचरामानंदाये श्री बिहारीजी मंदिर बराना
निर्वाणी अनि अखाड़ा बमोरी जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)
श्री महन्त ज्ञानदासजी महाराज 05278-232301 महन्त श्री प्रेमदासजी, खाकी अखाड़ा, खाकचौक, अंकपात, उज्जैन
श्री पंचरामानंदाये निर्वाणी अनि अखाड़ा 94150-56401
हनुमानगढ़ी, अयोध्या (उ.प्र.)
श्री महन्त जगन्नाथजी महाराज 0261-2553474, 2543677 महन्त श्री प्रेमदासजी, खाकी अखाड़ा, खाकचौक, अंकपात, उज्जैन 2580106, 9826080282
खाकी अखाड़ा (निर्वाणी अनि),
लम्बे हनुमान रोड़, रेलवे स्टेशन के पास,
सूरत (गुजरात)
12 श्री पंचदिगम्बर अनि अखाड़ा श्री महन्त केशवदासजी महाराज 02964-232596 महन्त श्री कन्हैयादासजी अंकपात रोड, उज्जैन
श्री पंच दिगम्बर अनि अखाड़ा
(दिगम्बर अखाड़ा) अयोध्या उ.प्र. महन्त श्री भगवानदासजी, बेगमपुरा, उज्जैन 2554665, 9826061081
श्री रामबोला मठ शास्त्री मार्ग, डुंगरपुर
(राजस्थान)
13 श्री पंचरामानंदीय निर्मोही अनि अखाड़ा श्री महन्त राम आश्रयदासजी महाराज 07670-265372 महन्त श्री रघुवीरदासजी खाकचैक, उज्जैन 2580729
श्री पंचरामानंदीय निर्मोही अनि अखाड़ा
निर्मोही अखाड़ा, रामघाट चित्रकूट, महन्त श्री भगवानदासजी बेगमपुरा, उज्जैन 2554665, 9826061081
जिला बांदा (उ.प्र.)

तिलक का परिचय (ललाट पर लगे तिलक से पन्थ की पहचान)

संतों के ललाट पर लगे तिलक से संतों के सम्प्रदाय एवं पंथ की पहचान होती है। इस समय सिंहस्थ कुम्भ महापर्व  मेला क्षेत्र में अलग-अलग अखाड़ों के साधु-सन्तों के मस्तक पर आकर्षक तिलक सभी को आकर्षित करते हैं। मस्तक एवं शरीर के अन्य भागों पर लगाये जाने वाले तिलक के सम्बन्ध में सन्त-महात्माओं के अलग-अलग मत है। मुख्य रूप से तीन प्रकार के सम्प्रदाय विशेष के संतों द्वारा चंदन, गोपी चंदन एवं रोली से तिलक लगाया जाता है। तीन प्रकार के तिलक मुख्य रूप से संतों की पहचान का बोध कराते हैं। 1. वैष्णव सम्प्रदाय द्वारा ऊधर्वपुण्ड्र लगाया जाता है, शैव सम्प्रदाय द्वारा त्रिपुण्ड्र लगाया जाता है। इसी प्रकार शाक्त सम्प्रदाय के अनुयायी रोली का तिलक ललाट पर लगाते हैं।

महंत श्री नृत्यगोपालदास महाराज ने तिलक की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि तिलक एवं शिखा भारतीय संस्कृति की पहचान है, जिस तरह साधारण मनुष्य शृंगार करते हैं उसी प्रकार यह साधु का एक मुख्य आभूषण है। वैष्णव सम्प्रदाय के ब्रह्मचारी श्री बापोली वालों का कहना है कि तिलक लगाना तीनों अवस्थाओं जाग्रत, स्वप्न एवं सुषुप्ति से ऊपर उठने में सहायक होता है एवं प्रभु को आत्मसात करने का माध्यम होता है। उन्होंने कहा कि तिलक लगाने का भौतिक उद्देश्य भी है। उन्होंने तिलक का भौतिक महत्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि आज के दौर में मनुष्य व्यर्थ चिन्तन एवं मनन करता रहता है। उससे मस्तिष्क में उष्मा उत्पन्न होती है एवं तिलक उस उष्मा को शान्त करने में सहायक होता है।

शैव सम्प्रदाय को मानने वाले त्रिपुण्ड्र लगाते हैं। वे इसकी तुलना ऊँकार से करते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि तिलक वैष्णवों और शैवों में एकता का प्रतीक भी है। ऐसी मान्यता है कि वैष्णव भगवान शंकर का त्रिशूल ऊधर्वपुण्ड्र के रूप में मस्तक पर लगाते है एवं शैव सम्प्रदाय को मानने वाले तिलक के रूप में भगवान श्रीराम के धनुष को धारण करते हैं।

शक्ति के उपासक शाक्त सम्प्रदाय के उपासक रोली का या काला तिलक लगाते हैं। वे इसे तेजोमय बिन्दु भी कहते हैं। इस बारे में दिल्ली से पधारे शाक्त सम्प्रदाय के उपासक श्री कापालिक महाकाल भैरवानन्द सरस्वती जी का कहना है कि भारतीय संस्कृति के अनुसार स्त्री के लिए उसका सुहाग सर्वोच्च है एवं सुहाग की निशानी के तौर पर लाल रंग की रोली से माँग भरती है, ठीक उसी प्रकार हम लोग लाल रंग का तिलक एक सीधी खड़ी लकीर के रूप में लगाते एवं जो यह तिलक लगाता है वह अभागा नहीं होता। तिलक सौभाग्य की निशानी है एवं तिलक इस बात का बोध कराता है कि परमात्मा एक है।

simhst_img